हमारा शरीर लगातार हमें छोटे-छोटे संकेत देता है। इन संकेतों को समय रहते पहचानना ही एक संतुलित और ऊर्जावान जीवन की शुरुआत है।
क्या लंच के बाद आपको बहुत ज्यादा नींद आती है? भारतीय भोजन में अक्सर चावल या रोटी के रूप में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है।
इसके अलावा, सुबह का नाश्ता छोड़ने या काम के लगातार तनाव के कारण भी दोपहर में ऊर्जा का स्तर एकदम से गिर सकता है। यह शरीर का आराम मांगने का तरीका है।
शाम के 4 बजते ही क्या आपका मन चाय के साथ कुछ मीठा या स्नैक्स खाने का करता है? यह केवल आदत नहीं है।
यह शरीर का प्राकृतिक तरीका है त्वरित ऊर्जा (quick energy) मांगने का, खासकर जब आपने दिन का भोजन संतुलित रूप से नहीं किया हो। लगातार मीठा खाने से ऊर्जा तेजी से बढ़ती है और फिर उतनी ही तेजी से गिरती है।
यह कोई डायग्नोस्टिक टेस्ट नहीं है, बल्कि आपके रोजमर्रा के अनुभवों पर विचार करने का एक शैक्षिक तरीका है। अपने आप से पूछें: