भारत के गर्म मौसम में, पानी की कमी अक्सर भूख या थकान का रूप ले लेती है। शरीर को तरल पदार्थों की नियमित आवश्यकता होती है।
नाश्ता छोड़ना या रात का खाना बहुत देर से खाना हमारी 'सर्कैडियन रिदम' (Circadian Rhythm) को बाधित कर सकता है।
घंटों तक एक ही जगह बैठे रहने से ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है। थोड़ी-थोड़ी देर में स्ट्रेच करना या टहलना जरूरी है।
क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप सही समय पर भोजन करते हैं, तो आपका दिन अधिक उत्पादक (productive) होता है? भारत में काम के लंबे घंटों के कारण हम अक्सर अपनी थाली को नजरअंदाज कर देते हैं।
घंटों तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठना न केवल हमारी आंखों को थकाता है, बल्कि शरीर की ऊर्जा को भी सोख लेता है। शाम होते-होते ऐसा लगता है जैसे बैटरी पूरी तरह खत्म हो गई हो।
थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर चलना, गहरी सांसें लेना इस शाम की थकान को कम करने में मदद कर सकता है। चाय के लगातार सेवन की बजाय नारियल पानी या ताजे फलों का विकल्प अपनाना एक बहुत अच्छा बदलाव हो सकता है।
रात को देर तक जागकर मोबाइल देखना या बहुत भारी भोजन करना हमारी नींद की गहराई (Deep Sleep) को प्रभावित करता है। यदि आप 8 घंटे सोने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं, तो इसका कारण नींद की मात्रा नहीं, बल्कि नींद की खराब गुणवत्ता हो सकती है। अपने शरीर को सही आराम का मौका दें।